जिनसे पाकर जीवन मैंने, अब तक देखे कई वसंत। समर्पित उनको यह काव्य-फल, करता हूँ प्रणाम अनंत।। फिर जीवन के एक वसंत में, हे साथी! जब तुम आ...
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