Sunday, September 12, 2021
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समर्पण
जिनसे पाकर जीवन मैंने, अब तक देखे कई वसंत। समर्पित उनको यह काव्य-फल, करता हूँ प्रणाम अनंत।। फिर जीवन के एक वसंत में, हे साथी! जब तुम आ...
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राजमहल एक सुन्दर शोभित, भूतल से छूता था अम्बर । दीप समान लगी थीं मणियाँ, जगमग जगमग बाहर भीतर । महल शिखर पर लगी पताका, पवन वेग स...
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रमापति , मुरली वाले , केशव , माधव , मधुसूदन , दयानिधि , दुःख हरने वाले , लक्ष्मीकांत , पंकजलोचन , पद्मनाभ , राधा के श्याम , कुञ्जबिहा...
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नारी एक सुन्दर सदग्रन्थ, क्यों हाय! पुरुष ने न बाँचा । नारी है गरिमा सृष्टि की, नारी है संस्कृति का साँचा । नारी मृदु भावों का संग...

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